मृग-मीन-भृंग-पतंग-कुंजर।
एको दोष विनाश।।
पञ्च दोष असाधता।
ता की केतिक आस।।
मृग=हिरण
मीन=मछली
भृंग=भँवरा
पतंग=पतंगा
कुञ्जर=हाथी
..................एको दोष विनाश
इन प्राणियों
में एक एक दोष
होने की वजह से
इनका प्राण जाता है।
ये काल के भक्ष बन जाते है।
जैसे...
मृग=हिरण-(कर्ण सुख)
मीन=मछली-(जिव्हा सुख)
भृंग=भँवरा-(नासिका सुख)
पतंग=पतंगा-(दृष्टी सुख)
कुञ्जर=हाथी-(स्पर्श सुख)
...........अगर
एक एक दोष से
इनके प्राण जाते है...तो..
हममे पांचो दोष है...
तो हमारी क्या स्थिति होगी ?
यह सोचो.....
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