Sunday, 23 March 2014

एको दोष विनाश

मृग-मीन-भृंग-पतंग-कुंजर।
एको दोष विनाश।।
पञ्च दोष असाधता।
ता की केतिक आस।।

मृग=हिरण

मीन=मछली

भृंग=भँवरा

पतंग=पतंगा

कुञ्जर=हाथी

..................एको दोष विनाश

इन प्राणियों
में एक एक दोष
होने की वजह से
इनका प्राण जाता है।

ये काल के भक्ष बन जाते है।

जैसे...

मृग=हिरण-(कर्ण सुख)

मीन=मछली-(जिव्हा सुख)

भृंग=भँवरा-(नासिका सुख)

पतंग=पतंगा-(दृष्टी सुख)

कुञ्जर=हाथी-(स्पर्श सुख)

...........अगर
एक एक दोष से
इनके प्राण जाते है...तो..

हममे पांचो दोष है...
तो हमारी क्या स्थिति होगी ?

यह सोचो.....

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