।। भज पंछी हरिनाम ... नाम से तीर जासी ।।
यह
नर तन ही
राम भजन का साधन हैं!
इस के समय को व्यर्थ की प्रपंचों में मत गमाओ! जैसे
सागर में पानी सूक जाने पर हंस
उस स्थान को छोड़ कर चले जाते हैं!
एसे ही
इस मानव जन्म की
आयू दिन दिन घटरही हैं
और
कहीं से भी इस के
बढने की संम्भावना नहीं हैं!
आयू पूरी होते ही हमारा जीव रूपी हंश इस शरीर को छोड़ कर चला जाएगा!
और
हम बैटे पत्नी परिवार के मोह में हीं
फंसे रहते हैं
कभी
राम भजन का समय नहीं निकाल पाते!
काळ रूपी शिकारी
हमारे पीछे लगा हुआ हैं
किसी भी समय हमको पकड़ कर
ले जाएगा इसलिये
सचेत होकर राम नाम का सुमिरण करते रहो हाथ में आया हुआ समय प्रतिपल हमारे हाथ से निकलता जा रहा हैं!
राम भजन की बेर
झेर क्यूं करे अयांणा!
सायर सूके नीर
हंश तब चले पयांणा!
दिन दिन तूटे नीर
सीर दूजी नहीं आवे!
बैठो पांख पसार
नारि सुत नेह लगावे!
काळ अहेड़ी संग बहे
पूठ दबाई आय!
रामचरण अब चेतिये
अवसर बीतो जाय!
यह नर तन ही
राम भजन का साधन हैं!
इस के समय को व्यर्थ की प्रपंचों में मत गमाओ!
।। सतगुरु "रामचरण"जी महाराज।।
शानू पंडित
09765282928
09423492193
पुणे - महाराष्ट्र
प्रवर्तक
"मिशन सतस्वरूप"
रामद्वारा पुणे
यह
नर तन ही
राम भजन का साधन हैं!
इस के समय को व्यर्थ की प्रपंचों में मत गमाओ! जैसे
सागर में पानी सूक जाने पर हंस
उस स्थान को छोड़ कर चले जाते हैं!
एसे ही
इस मानव जन्म की
आयू दिन दिन घटरही हैं
और
कहीं से भी इस के
बढने की संम्भावना नहीं हैं!
आयू पूरी होते ही हमारा जीव रूपी हंश इस शरीर को छोड़ कर चला जाएगा!
और
हम बैटे पत्नी परिवार के मोह में हीं
फंसे रहते हैं
कभी
राम भजन का समय नहीं निकाल पाते!
काळ रूपी शिकारी
हमारे पीछे लगा हुआ हैं
किसी भी समय हमको पकड़ कर
ले जाएगा इसलिये
सचेत होकर राम नाम का सुमिरण करते रहो हाथ में आया हुआ समय प्रतिपल हमारे हाथ से निकलता जा रहा हैं!
राम भजन की बेर
झेर क्यूं करे अयांणा!
सायर सूके नीर
हंश तब चले पयांणा!
दिन दिन तूटे नीर
सीर दूजी नहीं आवे!
बैठो पांख पसार
नारि सुत नेह लगावे!
काळ अहेड़ी संग बहे
पूठ दबाई आय!
रामचरण अब चेतिये
अवसर बीतो जाय!
यह नर तन ही
राम भजन का साधन हैं!
इस के समय को व्यर्थ की प्रपंचों में मत गमाओ!
।। सतगुरु "रामचरण"जी महाराज।।
शानू पंडित
09765282928
09423492193
पुणे - महाराष्ट्र
प्रवर्तक
"मिशन सतस्वरूप"
रामद्वारा पुणे
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